महत्वपूर्ण सलाह - केवल आधिकारिक संचार को ही उत्तर दें | भा.सा.वि.अ.प. के किसी भी प्रभाग/अनुभाग से संबंधित सभी संप्रेषण, पूछताछ, अनुदान सहायता बिल, प्रगति रिपोर्ट आदि को उस विशेष प्रभाग के प्रभागीय प्रमुख को भेजे जाने चाहिए, न कि अध्यक्ष या सदस्य सचिव को।
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (भा.सा.वि.अ.प.), सामाजिक और मानव विज्ञान में अनुसंधान के लिए, भारत सरकार का शीर्ष निकाय है। वर्ष 1969 में स्थापित, भा.सा.वि.अ.प. शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के संरक्षण में कार्य करता है। भा.सा.वि.अ.प. विभिन्न सामाजिक मुद्दों और चुनौतियों के ज्ञान और समझ को आगे बढ़ाने, नीति निर्माताओं और हितधारकों को विभिन्न पहलों और योजनाओं यथा अनुसंधान परियोजनाओं, यथा-डॉक्टरेट, पोस्ट-डॉक्टरल, वरिष्ठ फेलोशिप और राष्ट्रीय फेलोशिप, अनुसंधान प्रशिक्षुता (इंटर्नशिप), प्रारंभिक-करियर शोधकर्ताओं के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, प्रकाशन अनुदान, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशालाएं, अत्याधुनिक शोध का प्रकाशन, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, अनुसंधान संस्थानों, मान्यता प्राप्त संस्थानों और क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से सामाजिक विज्ञान और मानविकी में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने, अनुसंधान-आधारित समाधान प्रदान करने एवं तदनुसार राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भा.सा.वि.अ.प. का प्रलेखन केंद्र - राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान प्रलेखन केंद्र (नैस्डॉक) - सामाजिक विज्ञान के शोधकर्ताओं को पुस्तकालय और सूचना सहायता सेवाएं प्रदान करता है।
भा.सा.वि.अ.प. का उद्देश्य देश भर में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान के कार्यक्रम को आकार देना और अनुसंधान उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करके सुविचारित नीति निर्माण और सामाजिक विकास में योगदान देना है। और देखें[+]
भा.सा.वि.अ.प. डॉक्टोरल अध्येतावृत्ति 2026-27 के परिणामों की घोषणा
06 अक्तूबर, 2026
भा.सा.वि.अ.प. युवा शोध प्रतिभा योजना प्रदान किए जाने की घोषणा
23 सितंबर, 2026
भा.सा.वि.अ.प. वरिष्ठ अध्येतावृत्ति 2026-27 प्रदान किए जाने की घोषणा
20 सितंबर, 2026
भा.सा.वि.अ.प. पोस्ट-डॉक्टोरल अध्येतावृत्ति 2026-27 प्रदान किए जाने की घोषणा
20 सितंबर, 2026
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् की बहुविषयक पत्रिका इंडियन सोशल साइंस रिव्यू द्वारा “भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव को समझना: प्रवृत्तियाँ, संक्रमण और नीतिगत परिप्रेक्ष्य” विषय पर विशेषांक के लिए मौलिक शोध-पांडुलिपियाँ आमंत्रित।
24 अगस्त, 2026
10 मार्च, 2026
12 अगस्त, 2024
आंकड़े 31 मार्च 2026 तक। विस्तृत जानकारी के लिए देखें वार्षिक रिपोर्ट